छत्तीसगढ़ की सरकार ने गांव, ग़रीब और किसानों के हित में अभिनव फ़ैसले लेकर हमेशा अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। ‘सबके साथ सबका विकास’ के ध्येय पर चलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस बार भी स्वतंत्रता दिवस पर राज्य के सबसे ज़रूरतमंद तबके को कई नई सौगातें दी हैं। प्रदेश के 90 हज़ार लघु और सीमांत किसानों की कर्ज़ माफ़ी का फ़ैसला हो या छत्तीसगढ़ के लिए खाद्य सुरक्षा क़ानून बनाने का निर्णय, मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत गांवों की गलियों को धूल व कीचड़ से निज़ात दिलाने की कोशिश हो या मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्य के 56 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मुहैया कराने का मसला, हर मोर्चे पर सरकार का जनोन्मुखी चेहरा सामने आया है।
विगत आठ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रतिष्ठा मिली है। कई दूसरे राज्यों ने छत्तीसगढ़ की अभिनव योजनाओं का अनुकरण किया है। यहां की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सर्वोच्च न्यायालय ने देश में सर्वश्रेष्ठ कहा है। इससे उत्साहित होकर सरकार ने यहां रायपुर में प्रयोग के तौर पर कोर पीडीएस योजना भी शुरू कर दी है जिसका विस्तार ज़ल्दी ही भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर एवं राजनांदगांव में करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के ग़रीबों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद अब सरकार का ज़ोर प्रदेश के लोगों की सेहत की सुरक्षा पर है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदेश के 56 लाख से अधिक परिवारों को इलाज़ की सुविधा मिल सकेगी। ऐसी व्यवस्था करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश की पांच हज़ार बस्तियों में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं। ज़िला चिकित्सालयों में जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने से आम आदमी को सस्ती व प्रभावी दवाईयां मिल सकेंगी। राज्य कर्मचारी बीमा निगम के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के लिए 20 नए बीमा औषधालय शुरू किए जा रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया संदेश इस बात की ओर साफ़ इशारा करता है कि भोजन, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरतें सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। खाद्य और सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद सरकार आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके को अटल आवास योजना एवं अटल विहार योजना के माध्यम से मकान मुहैया कराने की तैयारी में है। इन योजनाओं के मकानों की रजिस्ट्री पति-पत्नी के संयुक्त नाम से कराए जाने के पीछे महिलाओं की बेहतर सामाजिक सुरक्षा की सोच ही है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसानों के प्रति अपनी चिंता हर मौक़े पर ज़ाहिर की है। इस साल अलग से कृषि बज़ट पेश करने के बाद कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों के आर्थिक-सामाजिक उन्नयन के लिए सरकार नई कृषि नीति बनाने में जुटी हुई है। कृषि ऋण का ब्याज दर 15 प्रतिशत से घटाते-घटाते सरकार अब इसे एक प्रतिशत तक कर चुकी है। स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर सरकार ने प्रदेश के 90 हज़ार लघु और सीमांत किसानों की कर्ज़ माफ़ी का ऐलान कर उन्हें बड़ी राहत दी है। फसल बीमा के प्रीमियम अनुदान को पांच प्रतिशत से 20 प्रतिशत बढ़ाने से बड़ी संख्या में लघु और सीमांत किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की मेहनत का पूरा दाम देते हुए उनका एक-एक दाना ख़रीदा है। प्रदेश में खेती और किसानों की बेहतरी के लिए उठाए गए ये कदम किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता बयां करती है।
छत्तीसगढ़ के हर हिस्से में विकास की रौशनी पहुंचे इसके लिए सरकार कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में गत आठ वर्षों में प्रदेश ने विकास के नए आयाम तय किए हैं और नए कीर्तिमान गढ़े हैं। उम्मीद है स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर के परेड ग्रांउड से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा गांव, ग़रीब और किसानों के हित में की गई ये घोषणाएं उन्हें ज़रूर राहत पहुंचाएंगी। सरकार के ये जनोन्मुखी फ़ैसले ‘विश्वसनीय छत्तीसगढ़’ को और ज़्यादा विश्वसनीय बनाएंगे।
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